इसका अर्थ है ऐसा भारत जिसकी सांस्कृतिक–सभ्यतागत एकता अविभाजित मानी जाती है।यह विचार प्राचीन काल में भारतीय उपमहाद्वीप (आज के भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका आदि) की साझा संस्कृति, परंपराओं और इतिहास पर ज़ोर देता है।आधुनिक समय में यह शब्द ऐतिहासिक-सांस्कृतिक एकता के संदर्भ में अधिक प्रयोग होता है, न कि किसी वर्तमान राजनीतिक सीमा परिवर्तन के आधिकारिक प्रस्ताव के रूप में।अगर आप चाहें तो मैं:इसका इतिहाससांस्कृतिक/धार्मिक संदर्भया आज के समय में इसका उपयोग कैसे होता हैपर विस्तार से समझा सकता हूँ।
