गाँवों में महिलाओं के लिए कई तरह के रोज़गार और स्वरोज़गार के विकल्प उपलब्ध हैं, जिनसे वे घर के पास रहकर आय कमा सकती हैं:
- कृषि व उससे जुड़े काम
सब्ज़ी उगाना, नर्सरी तैयार करना
डेयरी (दूध, दही, घी बनाना)
मुर्गी पालन, बकरी पालन
मशरूम की खेती, मधुमक्खी पालन - स्वयं सहायता समूह (SHG)
समूह बनाकर बचत व लोन
अगरबत्ती, मोमबत्ती, पापड़, अचार, मसाले बनाना
सिलाई-कढ़ाई, बुनाई, टोकरी/हस्तशिल्प - सरकारी योजनाओं के तहत काम
मनरेगा के अंतर्गत रोज़गार
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका
आशा कार्यकर्ता
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) - घरेलू व कुटीर उद्योग
सिलाई सेंटर, कपड़ों की मरम्मत
ब्यूटी पार्लर (बेसिक ट्रेनिंग के बाद)
पापड़, बेकरी या नमकीन बनाना - डिजिटल व नए अवसर
CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) पर काम
ऑनलाइन सामान बेचना (SHG के माध्यम से)
मोबाइल/डिजिटल सेवाओं में प्रशिक्षण के बाद काम
अगर आप चाहें, तो मैं किसी एक विकल्प की पूरी जानकारी, सरकारी योजना का नाम, या आपके राज्य के अनुसार अवसर भी बता सकता/सकती हूँ।
बस बताइए—आप किस तरह का रोज़गार जानना चाहती हैं?
